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अब शादीशुदा लोगों के लिए भी आया डेटिंग एप, तेजी से हो रहा है लोकप्रिय

अब शादीशुदा लोगों के लिए भी आया डेटिंग एप, तेजी से हो रहा है लोकप्रिय

नई दिल्ली: शादी से पहले डेटिंग का कल्चर भारत में नया नहीं है, लेकिन शादी के बाद अगर डेटिंग की बात की जाए तो शायद अधिकतर लोगों का यही जवाब होगा कि ये कैसे मुमकिन है. लेकिन हकीकत यही है कि ये सब मुमकिन हो चुका है. फ्रांस के एक एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग एप ‘ग्लीडेन’ से जुड़कर लोग शादी के बाद भी डेटिंग कर रहे हैं. खास बात ये है कि इस एप पर महिलाओं की संख्या पुरूषों के मुकाबले अधिक है. भारत में यह एप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, अबतक इस एप से करीब आठ लाख लोग जुड़ चुके हैं. पुरूषों की बात करें तो इस एप से सबसे अधिक बेंगलुरू के पुरुष जुड़े हुए हैं.

यह एप पूरी तरह से एक ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफार्म है जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के लिए है. इस एप में महिलाओं का खास ध्यान रखा जाता है. महिलाओं के इस पर एक अलग से ग्रुप है.खास बात ये है कि इस एप से जुड़ने के लिए महिलाओं को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है लेकिन पुरूषों को इसके लिए एक तय कीमत अदा करनी पड़ती है. इन लोगों का कहना है कि इस एप से जुड़ने के बाद उनके जीवन में जो एक ठहराव और निरशता आ गई थी, उसे दूर करने में इस एप की अहम भूमिका है. भारत में जितने यूसर्ज हैं उसमें 35 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है.

इस एप से 34 से 49 वर्ष की आयु के लोग अधिक जुड़ रहे हैं. एप कंपनी का दावा है जो भी इस एप से जुड़ता है उसकी हर जानकारी को पूरी तरह से गुप्त रखा जाता है. इस एप से जुड़ने से पहले यूजर्स को बच्चों की संख्या, वैवाहिक स्थिति, बिजनेस और इनकम संबंधी जानकारी देनी पड़ती है. ग्लीडेन एप से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों की बात करें तो महिलाओं का कहना है कि 40 की उम्र तक आते आते जीवन में रोमांच समाप्त होने की फिलिंग आने लगती है. ऐसे में यह एप मदद करता है. अन्य का कहना था कि उनकी फैमली लाइफ ठीक चल रही है लेकिन उत्साह की कमी को पूरा करने के लिए वे इस एप से जुड़ी हैं. इन महिलाओं ने इस एप पर फेक अकाउंट बनाया है.

इस एप पर अकाउंट बनाने के बाद महिलाएं अपनी पसंद के पुरूषों से बात कर सकती हैं. महिलाओं का कहना है कि इस एप पर अधिकतर पुरूष शादीशुदा हैं. इनमें से कुछ पुरूषों से बात करते हुए अच्छा लगता है. एक महिला का कहना था कि रिश्तों में जिंदगी ऐसी उलझ जाती है कि अपनी खुशी और इच्छाओं को लेकर उत्सुकता और जिज्ञासा ही खत्म हो जाती है. ऐसे में यह एप मदद करता है. एक दायरे में रहकर इस एप खुशियों को आसानी से तलाश किया जा सकता है.

कुछ लोगों का मानना है कि पूरी दुनिया में यह नया कल्चर है. जो इसलिए लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि हर इंसान के जीवन में एक वक्त ऐसा भी आता है जब चीजें रूक सी जाती है. सबकुछ ठीक होने के बाद भी एक खालीपन नजर आता है. तब लगता है कि परिवार और दूसरों की जिम्मेदारी को पूरा करते करते कब स्वयं की इच्छाओं से दूर हो गए पता ही नहीं चलता है. ये एप इसी तरह की कमियों को भरने का काम करता है.

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