Select your Language: हिन्दी
Education

सरकार का बड़ा कदम: बिजली की चोरी को रोकने के लिए लाइट मीटर्स मे अब होगा रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

सरकार का बड़ा कदम: बिजली की चोरी को रोकने के लिए लाइट मीटर्स मे अब होगा रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम

नई दिल्ली. बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नई रणनीति तैयार की है. ऊर्जा मंत्रालय इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक डेडिकेटेड संस्था बनाने की योजना पर काम कर रहा है. ये संस्था इस बात की रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगी कि कौन सा राज्य बिजली चोरी रोकने के लिए क्या कदम उठा रहा है और उसी आधार पर आर्थिक मदद दी जाएगी. संस्था तय समय में डिस्कॉम को प्रीपेड मीटर लगाने में भी मदद करेगी.

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने चौबीसों घंटे बिजली देने के लिए नई योजना बनाई है. बिजली चोरी रोकने के लिए डेडिकेटेड संस्था बनाने की योजना है. डेडिकेटेड संस्था सेंट्रलाइज्ड डेटा मैनेजमेंट का काम करेगी. इसके अलावा बिजली चोरी रोकने के लिए तीन साल में 24 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है. बिजली वितरण घाटा 15% से कम करने का टारगेट है.

बता दें कि बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अगले तीन साल के भीतर देश भर में प्रीपेड मीटर लगाये जाने की घोषणा की है. इस योजना के तहत पुराने मीटरों को धीरे-धीरे हटाया जाएगा. प्रीपेड मीटरों के जरिए बिजली कंपनी चुनने की आजादी होगी.

होता है प्रीपेड मीटर?

सामान्य मीटर में पहले बिजली यूज करते हैं, फिर बिल आता है, लेकिन प्रीपेड में पहले रीचार्ज करना होगा फिर बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे.

Related Articles

Back to top button