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भारत से बाहर जाने पर गूगल मैप्स में देश का हिस्सा नहीं दिखता कश्मीर

भारत से बाहर जाने पर गूगल मैप्स में देश का हिस्सा नहीं दिखता कश्मीर

नई दिल्ली । गूगल मैप्स दुनिया का सबसे पॉप्युलर नेविगेशन सिस्टम है और कहीं का मैप या रास्ता देखने के लिए करोड़ों यूजर्स रोज इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, गूगल मैप्स पर भी कुछ सीक्रिट जगहों को हाइड किया गया है तो वहीं विवादित क्षेत्रों को यह अलग तरह से दिखाता है। मैप्स भारत के कश्मीर को भी विवादित क्षेत्र मानते हुए भारत में और भारत से बाहर अलग-अलग तरीके से दिखाता है। यह बात वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आप भारत में बैठकर कश्मीर को गूगल मैप्स पर देखते हैं तो इसे भारत का हिस्सा दिखाया गया है। वहीं, बाहरी देशों से देखने पर इस क्षेत्र की आउटलाइन डॉटेड लाइन्स से बनाई गई है, जो इसे एक विवादित क्षेत्र के तौर पर दर्शाती है। कश्मीर ही नहीं कई और देशों की विवादित सीमाएं भी गूगल मैप्स अलग-अलग देशों के यूजर्स को अलग तरीके से दिखाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गूगल और बाकी ऑनलाइन मैप बनाने वाले उन्हें बदलते रहते हैं।

विवादित सीमाएं ग्रे कलर में

गूगल के मुताबिक, यह उस देश के स्थानीय प्रशासन के गाइडलाइन्स फॉलो करता है, जहां गूगल मैप्स का लोकल वर्जन उपलब्ध होता है। गूगल मैप्स के प्रॉडक्ट मैनेजमेंट डायरेक्टर ईथन रसेल ने कहा, ‘हमारा मकसद हमेशा सबसे सटीक और सही मैप दिखाना होता है, जो ग्राउंड-ट्रुथ पर आधारित हो।’ उन्होंने कहा, ‘हम विवादित क्षेत्रों और सीमाओं के मामले में न्यूट्रल रहते हैं और ऐसे क्षेत्रों या बॉर्डर्स को डैश्ड ग्रे बॉर्डर लाइन से दिखाते हैं।’

220 से ज्यादा देश मैप पर

रसेल के मुताबिक, जिन देशों में गूगल मैप्स का लोकल वर्जन है, वहां लोकल सरकार की सीमाओं और क्षेत्र के नामों को दिखाया जाता है। करीब 15 साल पहले शुरू हुई नेविगेशन सर्विस का इस्तेमाल अब 1 अरब से ज्यादा यूजर्स ग्लोबली करते हैं। गूगल मैप्स पर 220 से ज्यादा देशों की डिजिटल इमेज मैप की गई है और 20 करोड़ से ज्यादा जगहें लिस्टेड हैं। सैटलाइट इमेज के अलावा गूगल मैप्स यूजर्स भी कॉन्ट्रिब्यूट कर नई जगहों की जानकारी इसमें सेव कर सकते हैं। साथ ही यह प्लैटफॉर्म मशीन लर्निंग की मदद भी लेता है।

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