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बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सुझाए उपाय, पढे पूरी खबर

बाबा रामदेव ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सुझाए उपाय, पढे पूरी खबर

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस को लेकर खौफ का माहौल है. भारत में कोरोना वायरस के अब तक छह मामलों की पुष्टि हुई है. सरकार जागरुकता के लिए कैंपेन चला रही है और लोगों को इस वायरस से बचने के लिए जरूरी उपाय बताए जा रहे हैं.

योग गुरू बाबा रामदेव ने भी कहा है कि अगर इम्यूनिटी ठीक है तो इसके असर से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह वायरस आसमान से उड़कर नहीं आता है, यह सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ही होता है. इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है.

खास बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा, ”सामान्य सर्दी, जुकाम, बुखार और वायरल होते रहते हैं. अभी जब ठंडी से गर्मी ऋतु में जा रहे हैं तो सर्दी-बुखार आम बात है. हर सर्दी, जुकाम और बुखार कोरोना वायरस नहीं है, यह बात पक्की है.”

रामदेव ने कहा, ”चीन, इटली, दुबई समेत अन्य बाहर के देशों से जहां कोरोना वायरस का असर है, लोग लौट रहे हैं. उन्हें सावधान रहने की जरूरत है लेकिन डरने की जरूरत नहीं है. मैं भी अभी मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया से आया हूं, मुझे कुछ नहीं हुआ. थोड़ा सतर्क रहना जरूरी है. जो कोरोना वायरस से प्रभावित देश हैं और इस वायरस से जो संक्रमित हैं उनके संपर्क में आते हैं उन्हें सावधान रहने की जरूरत है.”

योग गुरू ने कहा, ”कोरोना वायरस खत्म करने के लिए अभी तक कोई कारगर इलाज नहीं आया है. इसमें एक बात जरूर है कि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कम है, उनकी मौत होने की संभावना ज्यादा है. इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति प्राणायाम करें. गिलोय, तुलसी, हल्दी, काली मिर्च को उबाल कर पीएं तो इससे सर्दी, जुकाम एक साथ ठीक हो जाते हैं. आयुर्वेद काफी प्रभावशाली है.”

उन्होंने कहा, ”कोरोना वायरस के लक्षण आने से खुद को बचा सकते हैं. आंख, नाक, मुंह और कान से वायरस अटैक करता है तो हमें सबसे पहले अपनी इम्यूनिटी का ख्याल रखना चाहिए. सर्दी, जुकाम, बुखार वाले किसी प्रकार से भी नहीं डरें. यह वायरस आसमान से उड़कर नहीं आता है, यह सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से आता है.”

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए योग की सलाह

योग गुरु बाबा रामदेव ने बताया कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तीन प्राणयाम जरूर करें. एक भस्त्रिका है जो दो से तीन मिनट करें. दूसरा कपालभाती है जो पांच से 10 मिनट कर सकते हैं. तीसरा अनुलोम विलोम करें.

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