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कोरोना वायरस को लेकर पीएम मोदी ने की समीक्षा बैठक, जारी की नई ट्रेवल एडवाइजरी बरते एहतियात

कोरोना वायरस को लेकर पीएम मोदी ने की समीक्षा बैठक, जारी की नई ट्रेवल एडवाइजरी बरते एहतियात

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में कोरोना वायरस (COVID-19) संक्रमण के ताजा मामले सामने आने के बाद केंद्र ने राज्य सरकारों के साथ इससे बचाव के उपायों पर युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को व्यापक तैयारियों पर समीक्षा बैठक ली. इस बीच भारत सरकार ने देश में आने वालों और भारत से जाने वाले लोगों के लिए नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है.

पीएम मोदी ने दिया आश्वासन

समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभाग इस काम में लगे हैं. भारत आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच से लेकर उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है. पीएम ने आश्वासन दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है. साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. आत्म-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई छोटे मगर महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है.

वहीं इस बीच नोएडा और हैदराबाद में सामने आए नए मामलों के सभी सैंपलों की जांच की कवायद भी चल रही है. इस कड़ी में 25 फरवरी को इटली के रास्ते वियना से आए शख्स की पड़ताल में आगरा से छह लोगों के सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को भेजे गए हैं.

बैठक में ये मंत्री हुए शामिल

सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन समेत वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने अपने विभागों में चल रही तैयारियों पर जानकारी दी. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी की.

इन देशों से आने वाले नागरिकों का होगा चेकअप

नई एडवाइजरी के मुताबिक चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, ईरान, इटली, हॉन्गकॉन्ग, मकाऊ, वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, नेपाल, थाइलैंड, सिंगापुर और ताइवान से आने वाले सभी भारतीय और विदेशी नागरिकों को अनिवार्य रूप से हेल्थ चेकअप से गुजरना होगा. इसके अलावा भारत के सभी नागरिकों को चीन, ईरान, दक्षिण कोरिया, इटली के लिए अपनी सभी अनिवार्य यात्रा टालने की सलाह दी गई है.

24 घंटे मदद की व्यवस्था

भारत के सभी बंदरगाहों, हवाई अड्डों और आवाजाही के पोर्ट्स पर इसकी जांच की जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बाकायदा एक सहायता सेल के माध्यम से 24 घंटे मदद मुहैया कराने की व्यवस्था भी की है.

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