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जानिए दिल्ली के निज़ामुद्दीन की कोरोना वायरस संक्रमण की पूरी घटना, क्या है विवाद की जड़

जानिए दिल्ली के निज़ामुद्दीन की कोरोना वायरस संक्रमण की पूरी घटना, क्या है विवाद की जड़

नई दिल्ली: दिल्ली का निजामुद्दीन इलाका सोमवार से ही चर्चा में हैं. इसकी वजह है इस इलाके में हुई धर्मिक सभा और उसमें हजारों की संख्या में मौजूद लोग. दरअसल दिल्ली के निज़ामुद्दीन में एक धार्मिक जलसे के आयोजन के बाद कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे. जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की और सैंकड़ों लोगों को टेस्ट के लिए ले गए. इसी बीच तेलंगाना में 6 लोगों की मौत हुई, बताया जा रहा है कि ये सभी इस धार्मिक सभा में मौजूद थे.

क्या हुआ था

दरअसल रविवार देर रात दिल्ली पुलिस को खबर मिली कि निजामुद्दीन इलाके में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए हैं. दिल्ली पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी मेडिकल टीम लेकर यहां पहुंचे और इलाके को बंद करने के बाद टेस्ट के लिए लोगों को ले गए. सैंकड़ों लोगों के टेस्ट हो चुके हैं. इन सबकी रिपोर्ट मंगलवार को आनी है.

इलाका सील किया गया

इस वक्त पूरा इलाका सील कर दिया गया है. इसमें तबलीग़-ए-जमात का मुख्य केंद्र, इस केंद्र के सटे हुए निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन और बगल में ही ख्वाजा निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह है. पुलिस वालों का कहना है कि वे लोगों की पहचान करके उन्हें अस्पताल में क्वारंटाइन के लिए भेज रहे हैं.

2000 हजार लोग हुए थे धार्मिक सभा में शामिल

एलएनजेपी के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जे सी पासी ने कहा, ‘‘निजामुद्दीन इलाके से रविवार को एलएनजेपी अस्पताल में 85 लोग और आज 68 लोग लाए गए. यानी अस्पताल के पृथक वार्डों में निजामुद्दीन के 153 लोग भर्ती हैं और उनकी जांच की जा रही है.’’अधिकारियों ने बताया कि इंडोनेशिया और मलेशिया समेत अनेक देशों के 3000 से अधिक प्रतिनिधियों ने एक से 15 मार्च तक तबलीग-ए-जमात में भाग लिया था. हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि इस अवधि के बाद भी बड़ी संख्या में लोग जमात के मरकज में ठहरे रहे.

वहीं मरकज की चिट्ठी के मुताबिक 3000 लोगों में आधों को पिछले सोमवार को निकाल लिया गया था. बाकी बचे लोग लॉक डाउन के कारण फंसे थे जिनको लेकर मरकज प्रशासन के संपर्क में था.

दरअसल तबलीगी जमात का सेंटर होने के चलते देश ही नहीं पूरी दुनिया से लोग यहां आते हैं. इसके बाद उन्हें अलग-अलग समूहों में विभिन्न शहरों और कस्बों की इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए भेजा जाता है. इन्हें इलाकों की चिट दी जाती है जिसमें मस्जिदों का ब्योरा होता है. ये लोग वहां पहुंचते हैं और मस्जिदों में ठहरते हैं.

छह लोगों की मौत

तेलंगाना में उन छह लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौत हो गई जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में 13 मार्च से 15 मार्च के बीच धार्मिक सभा में भाग लिया था. एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ‘‘दिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में 13 मार्च से 15 मार्च तक एक धार्मिक सभा में भाग लेने वाले कुछ लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण फैल गया है.’’

इसमें कहा गया है, ‘‘इस सभा में भाग लेने वालों में तेलंगाना के कुछ लोग भी शामिल थे.’’बयान में बताया गया है कि जिन छह लोगों की मौत हुई है, उनमें से दो की मौत गांधी अस्पताल में हुई, एक-एक व्यक्ति की मौत दो निजी अस्पतालों में और एक व्यक्ति की मौत निजामाबाद और एक व्यक्ति की मौत गडवाल शहर में हुई.

दिल्ली सरकार ने FIR के आदेश दिए

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दक्षिणी दिल्ली के निजामुद्दीन पश्चिम में तब्लीगी जमात का नेतृत्व करने के लिए एक मौलाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का सोमवार को आदेश दिया. इसमें शामिल हुए कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण सामने आये हैं. यह जानकारी सूत्रों ने दी.

बता दें कि इस महीने के शुरुआत में ही दिल्ली सरकार ने किसी भी तरह के धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों पर 31 मार्च तक के लिए पाबंदी लगा दी थी. इसके अलावा विरोध-प्रदर्शनों में 50 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी थी.

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