Select your Language: हिन्दी
टेक्नोलोजी

लॉकडाउन: क्रडिट कार्ड धारको को लग सकता है झटका, बैंको ने घटाई क्रेडिट कार्ड लिमिट

नई दिल्ली। लॉकडाउन में नकदी संकट को देखते हुए एक्सिस, आईसीआईसीआई व कोटक महिंद्रा सहित कई बैंकों ने ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट 80% तक घटा दी है। एक्सिस बैंक ने दो लाख ग्राहकों की क्रेडिट लिमिट में कटौती की है।

पैसाबाजार डॉट कॉम के सह-संस्थापक एवं सीईओ नवीन कुकरेजा ने कहा कि बैंकों को लगता है कि कोविड-19 संकट के कारण बने हालात में कुछ क्रेडिट कार्डधारक वित्तीय दबाव में आ सकते हैं, जिससे उनके भुगतान पर जोखिम आ सकता है। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक के अध्यक्ष (कस्टमर एसेट्स) अंबुज चंदना ने कहा, ऐसा पहली बार नहीं किया गया है। क्रेडिट कार्डधारकों की कर्ज पाने की योग्यता व कार्ड से खर्च के विश्लेषण पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट घटाई या बढ़ाई जाती है।

तीन कारण…जिससे बैंक घटा रहे लिमिट

मोरिटोरियम लेने पर: जो ग्राहक आरबीआई से मिली तीन महीने की राहत का फायदा उठा रहे हैं, बैंक उनकी क्रेडिट कार्ड लिमिट घटा रहे हैं। बैंकों का मानना है कि जो ग्राहक सुविधा ले रहे हैं, उनके पास पैसे नहीं हैं। ऐसे हालात में ग्राहक वित्तीय जरूरतें पूरी करने को क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करेंगे और नकदी संकट के कारण भुगतान में देरी होगी।

क्रेडिट कार्ड के कम इस्तेमाल पर: क्रेडिट कार्ड के कम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की लिमिट में भी कटौती हो रही है। कई ग्राहक ऐसे हैं, जिनके क्रेडिट कार्ड की लिमिट दो लाख है और उन्होंने 12-24 महीने में महज 10 हजार से 20 हजार रुपये ही खर्च किए हैं। इन ग्राहकों की भी क्रेडिट कार्ड लिमिट घटाई जा सकती है।

भुगतान में देरी या डिफॉल्ट पर: क्रेडिट कार्ड रखने वाले 25-35 फीसदी ग्राहक बकाया भुगतान में देरी करते हैं या कभी न कभी डिफॉल्ट किया है। बैंकों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से खर्च और भुगतान के हिसाब से लिमिट तय की जाती है। ऐसे में पैसा चुकाने में देरी या डिफॉल्ट करने वाले जिन ग्राहकों के भुगतान पर जोखिम की आशंका रहती है, उनकी क्रेडिट लिमिट घटा दी जाती है।

इन ग्राहकों की बढ़ सकती है लिमिट

बैंक उन ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ा सकते हैं, जो कुछ महीनों से 50% से ज्यादा राशि खर्च करने के साथ समय पर भुगतान करते रहे हैं। मान लीजिए, आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट एक लाख रुपये है। उसमें से आपने 60,000 खर्च किए हैं और समय पर उसका भुगतान भी कर दिया है। ऐसे ग्राहकों पर बैंकों का भरोसा बना है। उन्हें लगता है कि आगे भी ये खर्च करते रहेंगे और बकाया पर जोखिम नहीं होगा। बैंक ऐसे ग्राहकों की क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ा सकते हैं।

Related Articles

Back to top button