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भारत का गौरव

राजस्थान का जंतर मंतर जिसका लोहा पुरी दुनिया भी मानती है

राजस्थान, जयपुर

हमारे भारत देश मे ऐसे कई ऐतहासिक धरोहरे है जिसके हम नाम तक नही जानते। ऐसे ही एक धरोहर राजस्थान मे स्थित है जिसे जंतर मंतर के नाम से जाना जाता है जो बहुत प्रसिध्द है। जिसे गिनिज बुक ऑफ वर्ड मे शामिल किया गया है। हमारा देश प्राचीन काल से ही विज्ञान के साथ चलता आ रहा है। इसी कड़ी मे राजस्थान के जयपुर शहर मे एक बोधशालय स्थापित किया गया है जिसका नाम जंतर मंतर रखा गया। इस बोधशालय की स्थापना उस समय के राजा जयसिंग सवाई द्वारा किया गया। जयसिंग, राजा के साथ महान ज्योतिष भी थे उन्होने ही इस महान बोधशालय जंतरमंतर का निर्माण कराया था। इसमे कुल १९ यंत्र है। इसका निर्माण १७२० से शुरू होकर १७३० तक चला था। इस यंत्र को युनेस्को ने भी अपने लिस्ट मे शामिल किया है। इस यंत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह यंत्र सूरज के किरणों के मदद से समय का सही अनुमान लगाता है। यह यंत्र आज भी चलने की स्थिति मे है। इसका निर्माण बड़ी ही कुशलाता और बुद्धिमानी से किया गया है। क्युकि इसके निर्माण मे धातु के बदले पत्थरों का प्रयोग किया गया है अगर इसे धातु से बनाया गया होता तो यह आज ऐसी परिस्थिति मे न होता। क्युकि धातु का गुण घटने व बढ़ने का होता है यही कारण है की यह आज भी उसी स्थिति मे है जैसा की निर्माण के समय था।

जंतर मंतर बहुत उपयोगी है जिससे हम आज भी बहुत सारी जानकारियां हासिल कर सकते है। जिसमे समय के साथ साथ मौसम, गृह और नक्षत्र की जानकारी शामिल है।

यह विश्व की सबसे बड़ी सूर्य घड़ी है । इस यंत्र को विराट सम्राट यंत्र के नाम से जाना जाता है। इसे दो भागो मे एक पूर्वी भाग दूसरा पश्चिमी भाग मे बाँटा गया है जिससे यह दोनो ही अलग अलग समय बताने मे सक्षम है। इसके अलावा जंतर मंतर मे और भी यंत्र है जो की बहुत काम आते हैं उन यंत्रो मे जयप्रकाश यंत्र, ध्रुवयंत्र, नाड़ीविलययंत्र, चक्रयंत्र, रामयंत्र, क्रांतीयंत्र यह सभी यत्र यहाँ मौजुद हैं। और सभी यंत्र आज भी उसी स्थिति मे काम करते हैं।

जंतर मंतर मे लगे इन यंत्रो को देखकर ही लगता है कि हमारे देश के उस समय के ऋषि कितने बुद्धिमान थे जिसे हम आज वैज्ञानिक के नाम से जानते हैं। हमारे देश के इन्ही वैज्ञानिकों की देन है जिन्होने हमे ऐसे यंत्र दिये जिससे हम कई सारी जनकारियाँ प्राप्त कर पाते हैं।
जिसका लोहा पुरी दुनिया भी मानती है जो की हमारे देश के और हमारे लिये भी गर्व की बात है

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