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पेट्रोल डीजल की कीमतों मे उछाल जारी, लगातार 17वें दिन भी बढ़े तेल के दाम

पेट्रोल डीजल की कीमतों मे उछाल जारी, लगातार 17वें दिन भी बढ़े तेल के दाम

नई दिल्ली I पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़त का सिलसिला जारी है. मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 20 पैसे की बढ़ोतरी हुई और यह 79.76 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इसी तरह, डीजल की कीमत में 55 पैसे का इजाफा हुआ और कीमत 79.40 रुपये प्रति लीटर हो गई है. यह लगातार 17वां दिन है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़े हैं. इन 17 दिनों में पेट्रोल 8.50 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है वहीं डीजल की कीमत भी 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई है.

सोमवार को कितनी बढ़ी कीमत

तेल कंपनियों ने सोमवार को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम में क्रमश: 33 पैसे, 32 पैसे, 32 पैसे और 29 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. वहीं, डीजल के दाम में चारों महानगरों में क्रमश: 58 पैसे, 53 पैसे, 55 पैसे और 50 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

कच्चे तेल का हाल

अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई)पर सोमवार को अगस्त डिलीवरी ब्रेंट क्रूड के वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 0.12 फीसदी की तेजी आई. इसके साथ ही यह 42.24 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले ब्रेंट का भाव 42.52 डॉलर प्रति बैरल तक उछला.

दो बार उत्पाद शुल्क में इजाफा

कोरोना संकट काल में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिर रहे थे तब केंद्र सरकार ने 14 मार्च को पेट्रोल, डीजल दोनों पर उत्पाद शुल्क में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की थी. इसके बाद पांच मई को फिर से पेट्रोल पर रिकार्ड 10 रुपये और डीजल पर 13 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया.

इससे सरकार को सालाना आधार पर दो लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा. हालांकि, इस दौरान तेल कंपनियों ने उत्पाद शुल्क वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला बल्कि बढ़े उत्पाद शुल्क को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट के साथ समायोजित कर दिया.

कच्चे तेल में आई थी ऐतिहासिक गिरावट

बता दें कि अप्रैल, मई के दौरान जब पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन चल रहा था, कच्चे तेल के दाम दो दशक के निम्न स्तर तक गिर गये थे. लेकिन जून की शुरुआत से आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के बाद मांग बढ़ने से कच्चे तेल के दाम धीरे धीरे बढ़ने लगे हैं. यही वजह है कि तेल कंपनियां भी उसी वृद्धि के अनुरूप दाम बढ़ा रही हैं.

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