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यूएन में बोले पीएम मोदी- पूरी दुनिया को बेहतर भविष्य कैसे दे सकते है इस बारे में सोचना होगा

यूएन में बोले पीएम मोदी- पूरी दुनिया को बेहतर भविष्य कैसे दे सकते है इस बारे में सोचना होगा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका-भारत कारोबार परिषद (यूएसआईबीसी) द्वारा आयोजित ‘इंडिया आइडियाज समिट’ को संबोधित किया। इस शिखर सम्मेलन में दुनियाभर के लोगों की नजर बनी हुई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे नागरिकों की सेहत और समृद्धि, दोनों ही चुनौतियों का सामना कर रहें हैं और अगर भारत कामयाब होगा तो दुनिया कामयाब होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे में भारत-EU partnership, आर्थिक पुनर्निर्माण में, और एक मानव-केंद्रित और मानवता-केंद्रित वैश्वीकरण के निर्माण में, महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पीएम मोदी भाषण अपडेट्स

वैश्विक सामंजस्य बनाए रखने, सामाजिक-आर्थिक इक्विटी में सुधार लाने और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की अपनी गहरी प्रतिबद्धता के साथ, भारत संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे के पूर्ण समर्थन में अपनी भूमिका निभाएगा। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना मूल रूप से द्वितीय विश्व युद्ध से उपजे हालातों के बाद हुई था। आज, महामारी का प्रकोप इसके पुनर्रोत्थान और सुधार के लिए संदर्भ प्रदान करता है। हमें यह मौका नहीं गंवाना चाहिए- पीएम मोदी

कोरोना की लड़ाई में भारत ने अच्छा काम किया। भारत में कोरोना का रिकवरी रेट बहुत अच्छा है। कोविड 19 के लिए हमने देश में लोगों और सिविल सोसाइटी की मदद से इसे एक जन आंदोलन बनाने की कोशिश की है। हमने इसके लिए 300 मिलियन डॉलर से ज्यादा का पैकेज घोषित किया। हमने आत्मनिर्भर भारत की शुरूआत की। भारत इस बात में विश्वास करता है कि हमें अपने सामान्य चुनौतियों के लिए मिलकर काम करना होगा। भारत ने कोरोना से लड़ने में कई देशों की मदद की- पीएम मोदी

भारत ने आपदाओं का मुकाबला तेजी और गंभीरता से किया है। हमें चुनौतियों से मिलकर लड़ना होगा। हम विकासशील देशों की भी मदद कर रहे हैं। भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हमने एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सबसे बड़े अभियानों में से एक का शुभारंभ किया- पीएम मोदी

दुनिया को बेहतर भविष्य देने के बारे में सोचना होगा। हमारा मकसद किसी को पीछे छोड़ना नहीं है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया काफी बदल गई है। पूरी दुनिया की आबादी की छठा हिस्सा भारत का है। हमारा लक्ष्य सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। पिछले साल, हमने अपने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती मनाई, हमारे छह सौ हजार गांवों में पूर्ण स्वच्छता कवरेज प्राप्त की अब भारत के हर घर में शौचालय हैं- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस वर्ष हम संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 75 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह संयुक्त राष्ट्र के मानव प्रगति में योगदान के लिए एक अवसर है। यह आज के परिपेक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और दुनिया में उसकी प्रासंगिकता का आकलन करने का एक अवसर है। भारत द्वितीय विश्व युद्ध के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के 50 संस्थापक सदस्यों में से एक था। उसके बाद से काफी बदल गया है। आज संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देश हैं।’

पिछले 6 साल के दौरान में 4 बिलियन बैंक अकाउंट खोले। हमने तकनीक का प्रयोग किया। हमने यूनिक आईडेंटिटी नंबर, मोबाइल कनेक्शन हर एक के लिए सुनिश्चित किया। डीबीटी के जरिए हमने करोड़ों रुपये खातों में ट्रांसफर किए। सभी के लिए घर योजना के तहत हमने 14 मिलियन लोगों को नये घर दिए। आयुष्मान भारत आज विश्व की सबसे बड़ी योजना है जो 500 मिलियन लोगों को कवर करती है। भारत कामयाब होगा तो दुनिया कामयाब होगी- पीएम मोदी

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘तत्कालीन चुनौतियों के अलावा जलवायु परिवर्तन जैसी लंबी अवधि की चुनौतियां भी हम दोनों के लिए ही प्राथमिकता हैं। भारत में नवीन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के हमारे प्रयत्नों में हम यूरोप के निवेश और तकनीक का आमंत्रण करते हैं।’

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