Select your Language: हिन्दी
India

देश में कब तक उपलब्ध होगी कोरोना की वैक्सीन, आम लोगो तक कब पहुचेगी ? डॉ हर्षवर्धन ने दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन से बातचीत में भारत में कोरोना को लेकर सवाल किए गए जैसे भारत में मामले कब चरम पर होंगे, क्या दिल्ली और मुंबई अपने चरम मामलों को क्रॉस कर चुके हैं इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर, देश में कम मृत्यू दर, भारत के वैक्सीन खरीदने को लेकर और कोरोना से जुड़े कई मुद्दों पर जवाल-जवाब किए।

क्या दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में कोरोना का चरम आकर जा चुका है?

कोरोना के आए हाल के आकड़ों से जानकारी मिली है कि मुंबई और दिल्ली में नए मामलों में गिरावट देखी गई है और अस्पताल में भी कोरोना वायरस के कम मामले आ रहे हैं। इसके अलावा यहां टेस्टिंग की गति में भी बढ़ी है। इसके आधार पर ये कहा जा सकता है कि इन दोनों से शहरों में कोरोना का प्रसार धीमा हुआ है और इसके क्रेडिट का बड़ा हिस्सा उन लोगों को जाता है जिन्होंने सावधानी से काम लिया।

क्या कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है?

इस संक्रमण को सात महीने हो गए हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर तीव्रता के साथ इसकी दूसरी लहर नहीं देखी गई है। हम अब इस संक्रमण के इतिहास को समझने में लगे हुए हैं. अब तक कई देशों ने वायरस रोकने की सूचना दी है लेकिन पहली बार की तुलना में दूसरी बार कम स्तर पर संक्रमण के होने की बात कही है। ये अभी साफ नहीं है कि कोरोना कि दूसरी लहर प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण कम प्रभावी है या लोगों के सावधानी बरतने के कारण।

आपका क्या अनुमान है कि भारत में संक्रमण कब चरम पर आएगा और मामलों में गिरावट कब देखने को मिलेगी?

इसका अनुमान लगाना मुश्किल है। भारत के बड़ा देश है और अलग-अलग राज्यों में वायरस का असर अलग तरीके से देखने को मिल रहा है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर वायरस के चरम पर होने की संभावना है। इसके अलग-अलग जगहों पर वायरस को कम करने के लिए अलग-अलग उपाय किए जा रहे हैं और सावधानियों का पालन करने वाले लोगों का अनुपात सभी जगहों पर अलग है। ये कहना मुश्किल है कि वायरस कब बढ़ेगा और मामलों में गिरावट कब कम होगी।

कई जगहों पर वायरस के चरम को लेकर कैसे काम करेंगे?

टेस्ट, ट्रैक, ट्रीट ही हमारी रणनीति रहेगी।

भारत प्रतिदिन 10 लाख टेस्ट के आंकड़े को कब पार करेगा?

भारतने अपनी टेस्ट करने की क्षमता को बहुत तेजी से बढ़ाया है, हम प्रति दिन 10 लाख टेस्ट करने के बहुत करीब हैं। पिछले 24 घंटों में 918,470 परीक्षण किए गए हैं। जब हमने 31 मई तक एक दिन में 1 लाख टेस्ट करने का वादा किया, तो हमने 10 मई को लक्ष्य प्राप्त किया। कुछ हफ्ते पहले मैंने 12 हफ्तों में एक मिलियन अंक तक पहुंचने का वादा किया था, लेकिन तीन सप्ताह में भी आप प्रगति देख सकते हैं। हम टारगेट से आगे काम कर रहे हैं।

भारत में मृत्यू दर 2 प्रतिशत से कम हौ और हर दिन गिर रहा है, इसके लिए हम क्या सही कर रहे हैं?

मृत्यू दर आयोजित टेस्टों की संख्या, सकरात्मक दर, बेहतर प्रबंधन रणनीति और बेहतर स्वास्थ्य प्रणालियों की प्रतक्रियाओं पर निर्भर करता है। मृत्यू दर का सात दिन का औसत चार्ट देख कर पता चला है कि 30 जून को मृत्यू दर 3.27 प्रतिशत था तबसे लेकर अब तक मृत्यू दर में कमी देखी गई है, वर्तमान में मृत्यू दर 1.9 प्रतिशत है। प्रभावी नियंत्रण, टेस्टिंग, ट्रैकिंग और क्लिनिकल ट्रीटमेंट के बेहतर प्रदर्शन ने ही मृत्यू दर को कम करने में मदद की है।

भारत निर्मित तीन वैक्सीन ट्रायल में आए हैं, अगर कामयाब होते हैं तो भारत को कब तक वैक्सीन मिल सकती है?

पूरी दुनिया में ही कोरोना की वैक्सीन को लेकर तेजी से काम हो रहा है। ऐसी उम्मीद है कि भारत की वैक्सीन्स का ट्रायल इस साल के आखिर तक खत्म हो जाएगा, तभी वैक्सीन के असर के बारे में भी बताया जा सकेगा। ऑक्सफोर्ड की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित की जा रही वैक्सीन को भी समांतारित तौर पर उत्पादित किया जाएगा ताकि जिस समय तक इसको बाजार में लाने की बात होगी तब तक इसे बड़ी मात्रा में तैयार कर लिया जाएगा। बाकि दो वैक्सीन को बाजार में पेश करने के लिए 2 महीनों का समय लगेगा। यह उम्मीद की जाती है कि यदि टीका परीक्षण के परिणाम अच्छे हैं, तो हम 2021 की पहली तिमाही तक टीका का उपयोग करने के लिए तैयार हो सकते हैं। कोवाक्सिन के मानव परीक्षण का काम दो सप्ताह पहले हैदराबाद में शुरू हुआ था और साल के आखिर तक उपलब्ध हो सकता है।

कई देशों ने कोविड-19 वैक्सीन के लाखों प्री-ऑर्डर्स दिए हैं, भारत की इसको लेकर क्या योजनाए हैं?

खरीद योजना का विवरण स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित किया जा रहा है, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन विनिर्माण औद्योगिक आधार है जो दुनिया भर में उपयोग किए जाने वाले बचपन में लगाए जाने वाले टीके प्रदान करता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) भारत बायोटेक के साथ सहयोग कर रहा है और उसने एक समझौता ज्ञापन में बनाया है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि सफल हुआ तो भारत सरकार को एक सस्ती और रियायती दर पर टीके प्रदान करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

CMR द्वारा समर्थित तीन कोविड -19 वैक्सीन परीक्षणों के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ बातचीत चल रही है. सीरम इंस्टीट्यूट और आईसीएमआर ऑक्सफोर्ड और अन्य दो वैक्सीन के परीक्षण के लिए हैं. एक बार जब चरण I और II के परिणाम उपलब्ध होंगे, तो रोल आउट करने की योजना के विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

किसे पहले वैक्सीन दी जाएगी?

65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, स्वास्थ्य देखभाल कर्मी, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और कमजोर उपसमूहों वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद उपलब्ध खुराक को लेकर एक विशेष ड्राइव विकसित की जाएगी।

Related Articles

Back to top button