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MP: बेरोज़गारी और कोरोना संकट को नज़रअंदाज़ करते हुए शिवराज सरकार के लिए यूएस से आया 60 करोड़ का प्लेन, काँग्रेस ने साधा निशाना

भोपाल I मध्य प्रदेश में यूं तो कोरोना, किसान कर्ज माफी, फसल बीमा योजना और अपराध को लेकर कांग्रेस और सत्तारूढ़ दल भाजपा के बीच राजनीति होती रहती है, लेकिन अब इसमें 60 करोड़ के एक वीआईपी प्लेन की भी एंट्री हो गई है.

दरअसल, शिवराज सरकार के लिए मंगलवार शाम एक नया स्टेट प्लेन अमेरिका से भोपाल पहुंच गया है. करीब 60 करोड़ की कीमत का ये नया स्टेट प्लेन अत्याधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी से लैस है, जो मध्य प्रदेश की किसी भी हवाई पट्टी पर उतर सकता है. इस नए स्टेट प्लेन में पायलट और को-पायलट समेत कुल 9 लोग सफर कर सकते हैं.

करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ सकने वाला ये नया स्टेट प्लेन करीब 310 ktas यानी 574 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. टेक ऑफ के लिए इसे 523 मीटर का ग्राउंड रोल चाहिए होता है, जबकि लैंडिंग के लिए 533 मीटर ग्राउंड रोल इस प्लेन के लिए बहुत है. इसलिए मध्य प्रदेश की ज्यादातर हवाई पट्टियों पर इसे उतरने या टेक ऑफ में समस्या नहीं होगी.

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कोरोना महामारी के बीच 60 करोड़ के स्टेट प्लेन पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. यूपी कांग्रेस मीडिया सेल के ललन कुमार ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘मध्य प्रदेश राज्य के ऊपर 2 लाख 10 हजार करोड़ का कर्ज है. ये 60 करोड़ का क्राफ्ट विमान बीजेपी की शिवराज सरकार ने खरीदा है. बीजेपी सरकार द्वारा जनता के पैसों की बेकदरी और बर्बादी का अनुमान आप लगा सकते हैं.’

इसके अलावा मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘दुनिया के बेहतरीन विमान में शिवराज, जनता के पास खाने के भी पैसे नहीं; विधायक खरीदकर मुख्यमंत्री बने शिवराज अब 60 करोड़ की लागत से खरीदे गए बिजनेस क्लास जहाज में उड़ान भरेंगे. शिवराज जी, किसानों की कर्जमाफी, कर्मचारियों के भत्ते और डॉक्टरों के वेतन के लिये पैसे नहीं है..?’

‘कमलनाथ सरकार ने प्लेन खरीदी को दी थी मंजूरी’- बीजेपी

कांग्रेस के आरोप पर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने आजतक से बात करते हुए कहा कि नया विमान खरीदने की मंजूरी तो तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दी थी. शिवराज सरकार ने तो सिर्फ इस विमान की डिलीवरी ली है. अगर कांग्रेस को विमान नहीं चाहिए था तो उस समय कमलनाथ ने फाइल वापस क्यों नहीं करवाई और क्यों कैबिनेट से इसका अप्रूवल करवाया?

2016 से चल रहा है नए प्लेन पर विचार

बता दें कि भले ही कमलनाथ सरकार ने नए स्टेट प्लेन की खरीदी को मंजूरी दी हो, लेकिन इसे खरीदने का प्रस्ताव पहली बार साल 2016 में आया था जब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की ही सरकार थी. उस समय तय किया गया था कि प्रदेश सरकार दिग्विजय सिंह की सरकार के समय खरीदे गए अपने स्टेट प्लेन को बेचकर नया जेट प्लेन खरीदेगी. इसके लिए बाकायदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन 2019 में कमलनाथ सरकार ने जेट प्लेन की जगह टर्बो प्रोप्लेलर वाला स्टेट प्लेन खरीदने को मंजूरी दे दी, जो जेट प्लेन से सस्ता होता है. साथ ही कमलनाथ सरकार ने पुराना स्टेट प्लेन करीब 8 करोड़ रुपये में पहले ही बेच दिया था.

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