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दुनिया

LAC पर भारी तनाव के बीच आज चीनी समकक्ष विदेश मंत्री से मिलेंगे जयशंकर

मॉस्को. पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव लगातार बरकरार है. भारतीय सेना ने कई अहम पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है. ऐसे में चीन की बौखलाहट साफ नजर आ रही है. वो लगातार आगे बढ़ने की फिराक में है. उधर दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच आज विदेश मंत्री एस जयशंकर की मुलाकात चीन के विदेश मंत्री वांग यी से होगी. जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए इन दिनों रूस के चार दिनों के दौरे पर हैं.

लंच पर मिलेंगे दोनों नेता

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एस जयशंकर और वांग यी की मुलाकात आज लंच के दौरान होगी. ये दोनों नेता रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की तरफ से रखे लंच में पहुंचेंगे. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. बता दें कि पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष जनरल वेई फेंगही के साथ यहां दो घंटे से अधिक समय तक बैठक की थी. सीमा पर भारत और चीन के बीच इस साल मई के महीने से तनाव बढ़ा था.

दोनों सेना आमने- सामने

कहा जा रहा है कि 29-30 अगस्त को हुई झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है. भारतीय सेना ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को पीछे ढकेल रणनीतिक रूप से कुछ अहम पोस्ट पर कब्जा कर लिया है. ऐसे में चीन की बौखलाहट साफ दिख रही है. दोनों देशों की सेना आमने सामने है. कहा जा रहा है कि 5 से 7 हज़ार चीनी सैनिक टैंक और बाकी हथियारों के साथ सीमा पर तैनात है. इसके अलावा करीब 50 हजार सैनिक एलएसी पर पहुंच गए हैं. लेकिन भारत भी चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. सूत्रों के मुताबिक चीन की हरकतों को देखते हुए भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव भी किया है. अब भारत कूटनीतिक बातचीत के साथ एलएसी पर चीन के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए जाएंगे. बता दें कि भारत के पलटवार से चीन बौखलाया हुआ है.

रूसी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ उनकी बेहतरीन वार्ता हुई है. इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की और अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से इस बार व्यक्तिगत रूप से मिल कर खुशी हुई. बेहतरीन वार्ता हुई, जिसमें हमारे विशेष एवं विशेषाधिकार वाली रणनीतिक साझेदारी प्रदर्शित हुई. अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर हमारे बीच हुई बातचीत काफी मायने रखती है I

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