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लद्दाख में मध्य रात्रि तक चली भारत-चीन की सेनाओं में बात, तनाव के लम्बे चलने के संकेत

लद्दाख में मध्य रात्रि तक चली भारत-चीन की सेनाओं में बात, तनाव के लम्बे चलने के संकेत

लद्दाख I लद्दाख सीमा पर बीते कई महीनों से तनाव की स्थिति बरकरार है. भारत और चीन के बीच लंबे वक्त के बाद एक बार फिर कोर कमांडर लेवल की बातचीत हुई. सोमवार करीब नौ बजे लद्दाख सीमा के पास मोल्डो में ये चर्चा शुरू हुई थी, जो कि रात 11.30 बजे के आसपास चली. बैठक में दोनों ही देशों का रुख कड़ा रहा.
मोल्डो में हुई बैठक के बाद भारतीय सेना के अधिकारी मंगलवार को वापस लेह बेस पर पहुंचेंगे. भारत की ओर से कई बार चीन को साफ संदेश दिया जा चुका है, जिसमें भारत ने चीनी सेना को बॉर्डर से पीछे हटने की बात कही है. हालांकि, चीन अब तक अड़ा हुआ है.

दोनों देशों ने बैठक के दौरान अपनी बातें रखीं, साथ ही किसी तरह के बड़े तनाव को रोकने की कोशिश की गई. बैठक के बाद अब एक बार फिर संकेत देखने को मिल रहे हैं, कि दोनों ही देशों ने लॉन्ग हॉल की तैयारी कर ली है. अगर ऐसा होता है तो सर्दियों में लद्दाख सीमा पर हजारों की संख्या में जवानों को तैनात रखना पड़ सकता है.

आपको बता दें कि भारत की ओर से सेना से लेकर सरकार तक ने स्पष्ट किया है कि वो चीन के साथ शांति के साथ मसला सुलझाना चाहते हैं. अगर चीन नहीं मानता है तो सेना हर परिस्थिति का सामना करने को तैयार है. इसी मुद्दे को लेकर भारत ने इस बैठक में भी अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी.

गौरतलब है कि मई में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव शुरू हुआ था, लेकिन जून में हिंसक झड़प हुई. अब बीते दिनों अगस्त में चीन ने फिर घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा. उसी के बाद से ही भारतीय सेना सतर्क और सख्त हो गई है.

पिछले कुछ दिनों में भारतीय सेना ने लद्दाख सीमा पर कई पहाड़ियों पर अपना कब्जा कर लिया है, जो रणनीतिक तौर पर काफी अहम हैं. यही कारण है कि चीन चिढ़ा हुआ है और किसी बात को मानने के लिए तैयार नहीं है.

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