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स्वास्थ्य

स्वास्थ्य: अगर आप हार्ट व ब्लड प्रेशर की समस्या से है परेशान तो पैर दर्द को नजरंदाज न करें

नई दिल्ली. शरीर में यदि कोई परेशानी है तो वह किसी न किसी रूप में संकेत देना शुरू कर देता है. यदि हम इन संकेतों को अच्छे से परख लें तो भविष्य में होने वाले किसी बड़े खतरे से बच सकते हैं. दिल भी शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसकी अच्छी सेहत लंबे व स्वस्थ जीवन का राज है. भागदौड़ वाली जीवनशैली व अनियमित खानपान के कारण इन दिनों युवाओं में भी हार्ट अटैक जैसी समस्या देखने को मिल रही है. यदि दिल बीमार है तो वह कैसे संकेत देता है, आइए जानते हैं –

पैर देते हैं बीमार दिल का संकेत

तनावग्रस्त जीवनशैली के कारण बीमार होता दिल कई बार संकेत भी देता है, लेकिन लोग इसे समझ नहीं पाते हैं. यदि किसी को दिल से संबंधित बीमारी है या ब्लडप्रेशर की भी दिक्कत है और उन्हें पैरों में दर्द रहता है तो संभल जाना चाहिए. ऐसे मरीजों को विशेषकर घुटनों के नीचे पिंडलियों में दर्द की शिकायत ज्यादा रहती है.

पहले एलडीएल और एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को समझें

ब्लड प्रेशर या दिल की सेहत शरीर में मौजूद बेड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) की मात्रा पर निर्भर करती है. शरीर में कोलेस्ट्रॉल भी दो तरह का पाया जाता है. एक होता है गुड कोलेस्ट्रॉल, जिसे एचडील (एचडीएल) कहा जाता है और दूसरा होता है बेड कोलेस्ट्रॉल, जिसे एलडीएल (एलडीएल) कहा जाता है. यदि हम अपनी डाइट में ज्यादा तली हुई वस्तुएं, वसायुक्त भोजन, मांसाहार, मैदा, ब्रेड, पिज्जा, बर्गर आदि का सेवन करते हैं तो शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है.

इस कारण होता है पैर दर्द

शरीर के रक्त में जब एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा बढ़ जाती है तो खून गाढ़ा हो जाता है और इससे धमनियों में खून आसानी से प्रवाहित नहीं हो पाता है. चूंकि, शरीर का 40 फीसदी से ज्यादा खून हमारे पैरों में ही होता है. एलडीएल की अधिक मात्रा वाला गाढ़ा खून पैरों की मांसपेशियों में भी प्रवाहित नहीं हो पाता है. जिससे पैरों में दर्द शुरू हो जाता है.

दिल पर खतरे का शुरुआती संकेत

पैरों में दर्द होता है तो यह भी नहीं समझना चाहिए कि आप दिल के मरीज हो गए हैं. दरअसल यही वह समय होता है, जब आपको अपने शरीर में कोलेक्ट्रोल की जांच तत्काल करवा लेना चाहिए. क्योंकि रक्त में जब एलडीएल की मात्रा बढ़ती है तो यह रक्त दिल से होकर भी गुजरता है. ऐसे में रक्त में मौजूद कठोर कण दिल की रक्त नलिकाओं की दीवारों पर जमना शुरू कर देते हैं और आगे चलकर ब्लॉकेज बन जाते हैं, जिससे हार्ट अटैक का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है.

तत्काल उठाएं ये कदम

पैरों में दर्द होने पर सबसे पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और खून की जांच करवाएं. यदि रक्त में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है तो अपनी डाइट बदल दें. ज्यादा चिकनाई वाला खाना जैसे रिफाइंड आइल में तली हुई चीजें, मैदा युक्त सामग्री, वसायुक्त भोजन खाना बंद कर दें या बिल्कुल कम कर दें. खाने में सलाद, अंकुरित भोजन, हरी सब्जियां ज्यादा लेना चाहिए. इसके अलावा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने का सबसे आसान तरीका है पैदल चलना. यदि आप रोज करीब 40 मिनट तक मॉर्निग वॉक करेंगे तो बेड कोलेस्ट्रॉल कम किया जा सकता है. शाम को भी खाना खाने के बाद टहलना जरूर चाहिए. साथ ही ज्यादा तनावपूर्ण जीवनशैली से भी बचना चाहिए.

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