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Uttar Pradesh

हाथरस गैंगरेप मामला: पीड़िता की फैमिली ने लगायी CBI जांच की गुहार

हाथरस: हाथरस मामले में पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उन पर सरकारी अधिकारी दबाव डाल रहे हैं. उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है. परिवार ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन अपने बयान बार-बार बदलने बदलने को लेकर दबाव डा रहा है.

पीड़िता के पिता ने गुरुवार को दावा किया कि पुलिस थाने जाने के लिए उन पर दबाव डाला गया, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने उनके परिवार के तीन सदस्यों से कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराए.

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की तरफ से ट्विटर पर साझा किए गए लड़की के पिता के एक कथित वीडियो में उन्हें (लड़की के पिता को) यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं हैं. मेरी बेटी के मामले की जांच सीबीआई द्वारा कराई जानी चाहिए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश करें. हम पर अधिकारियों का दबाव है और हमें हमारे घर में नजरबंद कर दिया गया और मीडिया को हमसे मिलने नहीं दिया जा रहा. ’’

यह घटनाक्रम एक वीडियो के सामने आने के बाद हुआ, जिसमें कथित तौर पर हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने लड़की के पिता से कथित तौर कहा कि क्या वह बयान पर कायम रहना चाहते हैं, या उसे बदलना चाहते हैं, इस बारे में ‘एक बार फिर से सोचें.”

सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो के मुताबिक जिलाधिकारी ने पीड़िता के पिता से कहा, ‘‘आप अपनी विश्वसनीयता खत्म मत करिये. मीडिया वाले (के बारे में), मैं आपको बता दूं कि आज अभी आधे चले गये, कल सुबह तक आधे और निकल जाएंगे और…हम ही बस खड़े हैं आपके साथ में, ठीक है. अब आपकी इच्छा है, नहीं बदलना है…. ’’

एक अन्य कथित वीडियो के मुताबिक परिवार की एक महिला सदस्य ने दावा किया कि उन पर जिलाधिकारी दबाव डाल रहे हैं और उन्हें डर है कि ये लोग अब उन्हें यहां नहीं रहने देंगे.

इसमें उन्होंने कहा, ‘‘उन लोगों ने मम्मी के उल्टे सीधे वीडियो बना रखे हैं, उस टाइम हालात ऐसे थे कि जिसके जो मुंह में आ रहा था वो हम लोग बोले जा रहे थे…अब ये लोग (प्रशासन) हमें यहां रहने नहीं देंगे. ये डीएम (जिलाधिकारी) ज्यादा ही चालबाजी कर रहे हैं, प्रेशर (दबाव) डाल रहे हैं जबरदस्ती…कह रहें कि तुम लोगों की बातों का भरोसा नहीं है, जबरदस्ती बयान बदल रहे. पापा को बुलवा रहे, कह रहे कि बयान बदलने से तुम्हारी विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी, हम लोग (प्रशासक) दूसरी जगह (स्थानांतरित होकर) चले जाएंगे.”

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