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स्वास्थ्य

क्या है ‘निगेटिव सेल्फ टॉक’ ? , मानसिक स्वास्थ्य के लिए क्यो हो सकता है खतरनाक है पढे पूरी खबर

नई दिल्ली I  हेल्दी शरीर के लिए जरूरी है हेल्दी माइंड और हेल्दी माइंड के लिए जरूरी है निगेटिव सोच से छुटकारा पाना. शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए जितना शरीर से फिट रहना जरूरी है, उतना ही जरूरी है मेंटली फिट रहना. आप जितना मेंटली फिट रहेंगे आपकी लाइफस्टाइल भी उतनी ही बेहतर होगी. इसलिए जरूरी है कि अपनी मेंटल हेल्थ पर शारीरिक सेहत जितना ही ध्यान दिया जाए.

क्या होती है निगेटिव सेल्फ टॉक

हम अपने जीवन में आलोचनाओं से गुजरते हैं, कभी किसी की आलोचना करते हैं, तो कभी आलोचनाएं सुनते हैं, लेकिन किसी के लिए लगातार आलोचनाओं को सुनना भी समस्या पैदा कर सकता है. बात करें निगेटिव सेल्फ टॉक की, तो इसमें एक व्यक्ति हर बात को आलोचनात्मक दृष्टिकोण से ही देखने लग जाता है और यह आलोचना भी हमेशा नकारात्मक रूप में होती है. इसका मुख्य कारण है फेल होने का डर. इसलिए अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए इसे ठीक करना बहुत जरूरी है.

निगेटिव सेल्फ टॉक के उदाहरण

निगेटिव सेल्फ टॉक की पहचान करना कई बार मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसके तरीके कई बार ऐसे होते हैं जो समझ ही नहीं आते हैं. जब हम खुद से सवाल करते हुए कहते हैं कि ‘मैं इस चीज में अच्छा नहीं हूं इसलिए मुझे यह काम नहीं करना चाहिए’ भी एक तरह से निगेटिव सोच को पैदा करता है.

निगेटिव सोच से ऐसे पाएं छुटकारा

शुरुआती तौर पर इससे छुटकारा पाना आसान नहीं होगा, लेकिन लगातार प्रयास से इससे छुटकारा पाया जा सकता है. सबसे पहले तो ऐसे निगेटिव सोच की पहचान करना सीखें और उन पर ध्यान देने से बचें. थोड़ा समय देकर आप खुद इनसे निपटने का तरीका ढ़ूंढ़ पाएंगे क्योंकि आपकी सोच को आपसे बेहतर कोई और नहीं समझ सकता है. आइए जानते हैं कुछ और ट्रिक्स जिनका प्रयोग करके आप निगेटिव सोच को दूर भगाने में कर सकते हैं-

1. खुद से एक दोस्त की तरह बर्ताव करें

जब भी आपके मन में निगेटिव सोच पैदा हो खुद को एक दोस्त की तरह सलाह देने की कोशिश करें कि इस तरह की स्थिति में आप अपने दोस्त को किस तरह की सलाह देते और उसी उपाय को खुद पर लागू करने की कोशिश करें. आप अपने किसी दोस्त से भी इस बारे में सलाह ले सकते हैं.

2. अपने अंदर की निगेटिविटी को पहचानें

अपने अंदर की निगेटिविटी को पहचानना उसे खत्म करने का पहला कदम है. अक्सर हमारी निगेटिव सोच का पैटर्न एक जैसा ही होता है, हम चीजों को हमेशा एक तरह से ही नकारते हैं इसलिए जरूरी है कि खुद को समझें, खुद को पढ़ें और अंदर की निगेटिविटी को दूर करें.

3. निगेटिव सोच आने पर खुद से बात करें

जब भी आपके अंदर निगेटिव सोच आए आप खुद से बात करना शुरू कर दें, खुद को समझाएं कि यह सच नहीं सिर्फ मन के विचार हैं. बोल बोलकर खुद को समझाएं कि यह रियल नहीं है और आप इससे लड़ने में सक्षम हैं. शुरुआत में यह तरीका थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन यदि यह काम कर गया तो आपके मन से निगेटिविटी भगाने के यह सबसे अच्छा तरीका बन सकता है.

4. लिखना शुरू करें

अगर कोई तरीका काम न करे या निगेटिव सोच से छुटकारा न मिले तो अपनी सारी निगेटिव सोच को एक पेपर पर लिखना शुरू कर दें. लिखकर आप चीजों को एक तरह से अपने दिमाग से बाहर निकाल सकते हैं.

5. खुद से पॉजिटिव बातें करना शुरू करें

निगेटिविटी तभी खत्म होगी जब आप चीजों को लेकर पाजिटिव सोचना शुरू करेंगे. खुद को मोटिवेट करते रहें, अपने आप को यह यकीन दिलाएं कि जो भी काम आप कर रहे हैं या करने जा रहे हैं उसमें आप जरूर सफल होंगे. 

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