Select your Language: हिन्दी
राष्ट्रीय

चीन से तनाव के बीच वियतनाम के प्रधानमंत्री के साथ पीएम मोदी आज डिजिटल सम्मेलन में करेंगे भागीदारी, कई अहम समझौतो पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक आज शाम 4.30 बजे डिजिटल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन में रक्षा, ऊर्जा एवं स्वास्थ्य क्षेत्रों समेत समग्र द्विपक्षीय संबधों को और विस्तार देने के लिए दोनों देशों के बीच कई समझौते और घोषणाएं हो सकती हैं. आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती स्थिति का मुद्दा चर्चा के दौरान प्रमुख रूप से उठने की उम्मीद है क्योंकि दोनों ही देशों के मुक्त, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियमाधारित क्षेत्रीय व्यवस्था में साझा हित हैं.
उन्होंने बताया कि बैठक में दोनों ही पक्ष ‘भारत-वियतनाम समग्र रणनीतिक साझेदारी’ के भावी विकास के लिए संयुक्त दृष्टिपत्र जारी कर सकते हैं जिसका लक्ष्य विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मार्ग तय करना होगा. भारत और वियतनाम 2016 में अपने द्विपक्षीय संबंध को आगे बढ़ाकर समग्र रणनीतिक साझेदारी तक ले गये थे और रक्षा सहयोग इस तेजी से बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों के अहम स्तंभों में एक रहा है.
 
सूत्रों ने बताया कि वियतनाम के वास्ते तीव्र गति वाली गश्ती नौकाओं के लिए रक्षा ऋण सहायता को बैठक के दौरान आगे बढ़ाने की संभावना है. दोनों ही देशों का हिंद-प्रशांत क्षेत्र में काफी कुछ दांव पर है और वे भारत एवं आसियान द्वारा इस क्षेत्र के लिए अपने-अपने दृष्टिकोण के आधार पर वहां सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं. पिछले साल बैंकाक में पूर्व एशिया सममेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री क्षेत्र के संरक्षण और सतत इस्तेमाल तथा सुरक्षित समुद्री क्षेत्र के निर्माण के वास्ते सार्थक प्रयास करने के लिए हिंद-प्रशांत सागर पहल की स्थापना का प्रस्ताव दिया था.
 
दस सदस्यीय आसियान ने ‘आसियान आउटलुक ऑन इंडो पैसफिक’ नामक दस्तावेज में इस क्षेत्र के वास्ते अपना दृष्टिकोण सामने रखा है. आसियान के अहम सदस्य देश वियतनाम का दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद है. भारत की वहां वियतनाम की समुद्री सीमा में तेल उत्खनन परियोनजाएं हैं. गौरतलब है कि 2020 में, दोनों देशों ने उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान को बनाए रखा है.
 
वियतनाम की उपराष्ट्रपति सुश्री डांग थी नगोक थिन्ह फरवरी 2020 में एक आधिकारिक यात्रा पर भारत आईं. दोनों प्रधानमंत्रियों ने कोविड​​-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए 13 अप्रैल, 2020 को दूरभाष के माध्यम से वार्तालाप किया. 25 अगस्त, 2020 को दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की सह-अध्यक्षता वाली संयुक्त आयोग की बैठक (वर्चुअल) के 17वें संस्करण का आयोजन किया गया. 27 नवंबर, 2020 को रक्षा मंत्री ने अपने समकक्ष के साथ एक ऑनलाइन बैठक की.

Related Articles

Back to top button