Select your Language: हिन्दी
राजनैतिक

किसान आंदोलन पर आज भी संसद में हंगामे के आसार, विपक्ष स्थगन प्रस्ताव पर अडिग

नई दिल्ली: केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन का आज 70वां दिन है. किसान कानून वापस लेने की अपनी मांग पर अड़े हैं. वहीं दूसरी ओर इस मामले पर संसद में भी हंगामा शुरू हो गया है. विपक्षी दल आज भी किसानों के मुद्दे पर संसद में हंगामा कर सकते हैं. विपक्ष संसद में स्थगन प्रस्ताव पर अड़ गया है. कल भी हंगामे के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित हो गई थी.

दरअसल दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाजीपुर पर किसानों के प्रदर्शन वाली जगहों पर सीमेंट के अवरोधक, कंटीले तार और सड़कों पर लोहे की कीलें लगाये जाने के साथ बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनात किया गया है. इसको लेकर भी विपक्ष ने संसद में हंगामा किया.

प्रधानमंत्री जी, अपने किसानों से ही युद्ध?- प्रियंका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया, ‘‘प्रधानमंत्री जी, अपने किसानों से ही युद्ध?’’ वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने राकेश टिकैत से मुलाकात की और कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसानों के आंदोलन को अपनी पार्टी और महाराष्ट्र सरकार का समर्थन देने का ऐलान किया.

किसान संकट के लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार- अमरिंदर

चंडीगढ़ में ,पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में तीनों कृषि कानूनों को तत्काल वापस लेने की मांग करने के साथ ही संकट के समाधान में ‘‘अत्यधिक देरी’’ के लिए बीजेरपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया.

दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित गाजीपुर को किले में तब्दील कर दिया गया है. हालंकि, भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के एक नेता ने दावा किया कि दूर दराज के इलाकों से समर्थक आंदोलन के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए अब भी आ रहे हैं.प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि ये नये कानून न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कमजोर कर देंगे.

संसद की कार्यवाही अब 13 फरवरी तक चलेगी

लोकसभा की सोमवार 15 फरवरी की बैठक रद्द कर दी गई है और अब संसद के बजट सत्र के पहले चरण की अंतिम बैठक शनिवार 13 फरवरी को होगी. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संसद के बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 15 फरवरी तक निर्धारित था. राज्यसभा में सभापति एम वेंकैया नायडू ने उच्च सदन की बैठक 13 फरवरी को होने की घोषणा की. 13 फरवरी 2021 की सदन की बैठक में प्रश्नकाल नहीं होगा.

Related Articles

Back to top button