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राष्ट्रीय

किसान आंदोलन: आज दिल्ली बॉर्डर पर शहीदी दिवस मनाएंगे किसान, भारत बंद पर होगी चर्चा

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमा पर किसान पिछले 117 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं. आज ये किसान यहां शहीदी दिवस मनाएंगे. इस मौके पर देश के सभी धरनास्थलों के युवा दिल्ली की सीमा पर पहुंचेंगे. इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जहां भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के विचारों पर चर्चा की जाएगी.

तीन दिन पहले हरियाणा के हांसी की ऐतिहासिक लाल सड़क से किसानों की पदयात्रा को शहीद भगत सिंह की भांजी गुरजीत कौर ने झंडी दिखाकर रवाना किया. हांसी से सैंकड़ों किसान, मजदूर, छात्र और अन्य लोग पदयात्रा को समर्थन देते हुए उसमें शामिल हुए. ये सारे लोग दिल्ली की सीमा पर पहुंचेंगे. इस पदयात्रा में किसान लगातार शामिल हो रहे हैं.

शहीदी दिवस पर भारत बंद की चर्चा
बता दें कि किसान संगठनों ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान किया है. शहीदी दिवस मनाते हुए किसान भारत बंद को सफल बनाने की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 मार्च को अपने ‘संपूर्ण भारत बंद’ के लिए रणनीति बनाने के लिए अलग-अलग जन संगठनों और संघों के साथ पिछले हफते मुलाकात भी की थी.
आंदोलन के 4 महीने

आंदोलन के चार महीने 26 मार्च को पूरे होने के मौके पर राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान के दौरान भी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान 12 घंटे तक बंद रहेंगे. इसके बाद, 28 मार्च को केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों की प्रतियों का होलिका दहन किया जाएगा.

ईसीएए लागू करने की सिफारिश पर नाराजगी
किसान संगठनों ने आवश्यक वस्तु संशोधन कानून (ईसीएए) के तत्काल क्रियान्वयन की एक संसदीय समिति की मांग की रविवार को आलोचना की. ईसीएए उन तीन कानूनों में से एक है, जिनके खिलाफ किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. संसदीय समिति ने सरकार से ईसीएए का क्रियान्वयन करने को कहा है. इस समिति में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आप समेत विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल हैं.

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