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राष्ट्रीय

सौ दिनों तक रह सकती है कोरोना की दूसरी लहर, 70 प्रतिशत वैक्सीनेशन जरूरी: एक्सपर्ट

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. देश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या हर दिन अब दो लाख के पार पहुंच रही है. एक बार फिर इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि आखिर कोरोना की दूसरी लहर कब शांत होगी और कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या में कमी आएगी. दक्षिण पूर्व दिल्ली पुलिस के लिए एक विशेषज्ञ द्वारा तैयार किए गए एक परामर्श के अनुसार, कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है और इस तरह की लहरें 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण होने और हर्ड इम्युनिटी हासिल करने तक आती रहेंगी.

हर्ड इम्युनिटी, संक्रामक बीमारियों के खिलाफ अप्रत्यक्ष रूप से बचाव होता है. यह तब होता है जब आबादी या लोगों का समूह या तो टीका लगने पर या फिर संक्रमण से उबरने के बाद उसके खिलाफ इम्युनिटी विकसित कर लेता है. समूह की इस सामूहिक इम्युनिटी को ही ‘हर्ड इम्युनिटी’ कहते हैं. पुलिसकर्मियों के बीच जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से, डॉ. नीरज कौशिक के परामर्श में कहा गया है कि नए म्यूटेंट वायरस में प्रतिरक्षा और यहां तक कि टीके का असर छोड़ने की भी क्षमता है.

दोबारा इंफेक्‍शन का क्‍या है कारण
ऐसे लोग जिनका टीकाकरण हो चुका है, उनमें पुन: संक्रमण और मामलों का यही कारण है. डॉ. कौशिक के मुताबिक म्यूटेटेड वायरस इतना संक्रामक है कि यदि एक सदस्य प्रभावित होता है, तो पूरा परिवार संक्रमित हो जाता है. यह बच्चों पर भी हावी है. उन्होंने कहा कि नियमित आरटी-पीसीआर जांच म्यूटेटेड वायरस का पता नहीं लगा सकती हैं. हालांकि, गंध महसूस नहीं होना एक बड़ा संकेत है कि व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है.

मास्‍क लगाना है बेहद जरूरी
कोरोना वायरस की दूसरी लहर 100 दिनों तक रह सकती है. ऐसी लहरें तब तक आती रहेंगी जब तक कि हम 70 प्रतिशत टीकाकरण और हर्ड इम्युनिटी को प्राप्त नहीं कर लेते. इसलिए अपने सुरक्षा उपायों विशेषकर मास्क लगाना नहीं छोड़ें.

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