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गुजरात के रापर तहसील के सेलारी गांव मे पूर्व मुखिया भचुभाई गोविंदभाई रावरीया ने गोचर भूमि पर किया अवैध कब्जा

गुजरात राज्य में रापर तहसील के सेलारी गांव के पास रेवेन्यू खाता नंबर 316/2 गोचर जमीन है। जिस जमीन के ऊपर किसी भी व्यक्ति का अधिकार नहीं है। केवल इस जमीन के ऊपर गायों को घास खाने का अधिकार है यह सब जानते हुए भी उस जमीन में गांव के पूर्व मुखिया भचुभाई गोविंदभाई रावरीया ने उस जमीन के ऊपर कब्जा करने के इरादे से बिना किसी की इजाजत के घास लगाया हुआ है और खेत के चारों और P.G.V.C.L. इलेक्ट्रिसिटी सीमेंट के पोल लगाए हुए हैं। इस गोचर जमीन में से भचुभाई गोविंदभाई रावरीया ने श्री जीव दया मंडल – रापर को दिनांक 31/1/2021 , 1/2/2021 , 2/2/2021 , 3/2/2021 , 4/2/2021 इस तरह से 5 ट्रैक्टर काश के 30877 रुपए का बैंक ऑफ बरोड़ा का अपने नाम (भचुभाई गोविंदभाई रावरीया) का चेक दिनांक 12/2/2021 कोलिया है। गांव के हरखा हीराभाई चौधरी ने रापर तहसील के टी.डी.ओ. कर्मचारी से जाकर पता किया तो पता चला कि रापर तहसील में से उनको किसी भी प्रकार की कोई अनुमति भी नहीं रही है।

यह सब जानने के बाद सेलारी गांव के एक नागरिक सामजी डायाभाई परमार ने P.G.V.C.L. भीमासर मे 28 कलर फोटोग्राफ के साथ शिकायत नंबर 335 से दिनांक 6/5/2021 को सेलारी गांव के पास रेवेन्यू खाता नंबर 316/2 गोचर जमीन के ऊपर इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को नुकसान पहुंचा कर सेलारी गांव के पूर्व मुखिया भचु गोविंद रावरीया ने उमैया गांव के खेत में से P.G.V.C.L. इलेक्ट्रिसिटी सीमेंट के पोल लेकर उस खेत के चारों और लगाए हैं इस बात की शिकायत दर्ज करवाई थी और उसमें सूचित किया था की अगर इस बात की तहकीकात नहीं होगी तो हम आगे अंजार पीजीवीसीएल को इसकी जानकारी देंगे और उसके बावजूद भी कुछ नहीं हुआ तो हम लीगल शिकायत दर्ज करवाएंगे।

हमने इस चीज का रिपोर्टिंग किया तो गांव के लोगों हरखा हीराभाई चौधरी ने यह निवेदन दिया कि गांव के किसी व्यक्ति की बात सुनता नहीं है केवल अपनी मनमानी चलाता है और गांव की इस जमीन पर चारों ओर इलेक्ट्रिसिटी सीमेंट पोल लगाकर और तार बंद कर उस पर कब्जा करना चाहते हैं। और सवजीभाई हरी चौधरी ने निवेदन दिया कि ऐसे रक्षक ही भक्षक बने है और गांव की गोचर जमीन मैं खेती करते हैं और उसका चारा रापर जीव दया मंडल में बेचते हैं और उसका पैसा खुद के खाते में डलवाते हैं.  खुद के लिए उसका पैसों का उपयोग करते हैं और गांव की गायों को खाने नहीं देते हैं.  प्रेमजी खेता अमडोत ने निवेदन किया कि हमने इससे पहले मां आशापुरा न्यूज़ में गांव की भागल से लेके पूरे रास्ते का वीडियो दिया था और कहा था कि गांव में बहुत ही कीचड़ है। पर उस चीज की इनके ऊपर कोई भी प्रकार की असर नहीं है। मुझे तो इस गोचर में खेती की उससे जमीन माफिया की बू आती है और उसको कब से ही करना है। गोचर , सार्वजनिक जमीन और सब सार्वजनिक चीजों पर अपना हक जमा कर कब्जा करना चाहते हैं। अभी गांव की मुखिया उनकी पत्नी फूलीबेन भचुभाई रावरीया है लेकिन गांव के सभी कामकाज उनके पति भचुभाई गोविंदभाई रावरीया करते हैं और झूठी साइने करते हैं और भी बहुत कुछ गलत करते है. गांव वालों का यह कहना है कि उनके ऊपरकुछ कार्यवाही होनी चाहिए।

इधर इस मामले मे भचुभाई गोविंदभाई रावरीया ने निवेदन किया कि हमने इस गोचर में नेपियर घास लगाया है। 1 साल पहले कच्छ जिले में डी.डी.ओ. जोशी साहब ने बताया था कि आपकी किसी भी सलामत गोचर जमीन पर नेपियर घास के टुकडे हमने मुंबई से मंगवा कर लगाए हैं। हमने रापर तहसील में ठराव के साथ अनुमति का कागज दिया हुआ था पर किसी टेक्निकल वजह से उसका हमें अनुमति नहीं मिला। हमने अनुमति के लिए जो कागज जोशी साहब को दिया था वह मंत्रालय में गांधीनगर शिप हो गए और उनकी जगह पर अभी भव्य वर्मा साहब आए हैं लेकिन हमें अभी तक उनकी अनुमति मिली नहीं है। उस खेत में मैंने घास लगाने के लिए ₹115000 का खर्च किया है। और उसमें से जो घास हो उसको बहुत ही निजी कीमत में हम किसी गायों के ट्रस्ट को देते हैं। हमने डी.डी.ओ साहब के कहने के हिसाब से उस खेत में घास लगाया था। हमारे कुछ गांव के लोग कहते हैं के की हमारे पूर्व मुखिया ने कब्जा करने के हिसाब से इसमें घास लगाया पर होते हैं कुछ लोग ऐसे पर हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है ।  मैंने उस खेत में जो पैसा खर्च किया है उसकी भी मेरे को अपेक्षा नहीं है और मेरे को किसी के भी ऊपर कानूनी कार्यवाही नहीं करनी है। हमारे कच्छ जिले में बहुत से ऐसे खेत है जिसमें इस तरह से खेती हुई है। मैंने बाइल से खीमजीभाई रत्नाबाई गामी से बात किया आपने क्या सोचकर इस खेत में गाये छोड़ी है आपने तहसील में पूछा उधर हमने वहां पर सब प्रोसेस किया हुआ है। मार्च आने की वजह से हमें उसकी अनुमति नहीं मिली और उन्होंने बताया कि आप दूसरी बार अनुमति मांगे पर अब मुझे अनुमति लेना भी नहीं और वह खेत भी नहीं चाहिए। इस खेत में तमाम खर्च मैंने किया है। आज के बाद फिर ऐसा काम में नहीं करूंगा।P.G.V.C.L. के इलेक्ट्रिक पोल हम ले आए वह बात सही है। 1983/1995/1998 की साल के पुराने पोल है वह हमने लगाए हैं। जो भी P.G.V.C.L. का चाजॅ होता है वह हम भरपाई के लिए तैयार है। हमने यह पोल पीजीवीसीएल के कर्मचारी को पूछ कर ही लिया है उन्होंने हमें बताया कि यह वेस्ट ही है। वह सब पोल टूटे हुए ही थे और जो मेरे ऊपर आरोप कर रहे हैं उनके घर में भी बहुत सारे ऐसे पोल है पर मेरे को उसमें कुछ नहीं करना है। वे सब लोग मेरे ऊपर झूठा आरोप कर रहे हैं।

खीमजीभाई रत्नाबाई गामी ने निवेदन किया कि जो भी पूर्व मुखिया ने मेरे ऊपर आरोप लगाया है वह सब गलत है मैंने कोई गोचर जमीन नहीं रखा है अगर वह जानते हैं तो मेरे सामने आए और मुझे बताएं इस बारे में मुझे कुछ भी पता नहीं है।

रिपोर्ट: सुरज लोहार

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