Select your Language: हिन्दी
राष्ट्रीय

कल लगेगा साल 2021 का पहला सूर्यग्रहण, जानें समय, सूतक काल और कहां द‍िखेगा

नई दिल्ली. 26 मई को वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण लगने के बाद अब जून के महीने में इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस वर्ष दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं। कहा जा रहा है कि इस वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण नवंबर के महीने में वहीं दूसरा सूर्य ग्रहण दिसंबर के महीने में लगेगा। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2021 का पहला सूर्यग्रहण वट सावित्री व्रत के दिन लगेगा। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जिसमें सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है और सूर्य का बिम्ब चंद्रमा से छुप जाता है। इस घटना के दौरान, सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं। सूर्य ग्रहण काल में कुछ कार्य वर्जित माने गए हैं।

surya grahan June 2021 in india date and time

हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून, गुरुवार को लगेगा। कहा जा रहा है कि यह सूर्य ग्रहण आंशिक रूप से भारत में दिखने वाला है।

सूर्य ग्रहण प्रारंभ: – 10 जून को दोपहर 01:42

सूर्य ग्रहण समाप्त: – 10 जून को शाम 06:41  

surya grahan June 2021 sutak, सूर्य ग्रहण जून 10, 2021 का सूतक काल 

कई ज्योतिषि‍यों के अनुसार, इस बार सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखने वाला है जिसके वजह से कई जगहों पर यह सूर्य ग्रहण नहीं दिख सकेगा। इसलिए यह कहा जा रहा है कि इस बार को सूतक काल मान्य नहीं होगा।

solar eclipse june 2021 where to watch, कहां द‍िखेगा जून 2021 का सूर्य ग्रहण 

साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण 10 जून 2021 को भारतीय समय के अनुसार दोपहर को लगेगा। यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग तथा यूरोप और एशिया में आंशिक तौर पर दिखाई देगा। वहीं उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और रूस में यह सूर्य ग्रहण पूर्ण रूप से नजर आएगा। अगर भारत की बात करें तो यह आंशिक रूप में ही दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण की क्या है मान्यताएं

भले ही सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है मगर भारत में इसे धार्मिक पहलू के हिसाब से देखा जाता है। यह ग्रहण अशुभ माने गए हैं इसीलिए ग्रहण काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है। ग्रहण काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं तथा इस समयावधि में खाना और पीना भी वर्जित होता है। ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने के लिए कहा जाता है। इस दौरान लोग बचे हुए खाने पर या बचे हुए खाने की वस्तुओं पर तुलसी के पत्ते रख देते हैं। मान्यताओं के अनुसार, जब ग्रहण काल समाप्त हो जाता है तब घर को साफ-सुथरा करके गंगाजल छिड़कना चाहिए।

Related Articles

Back to top button