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बौद्ध भिक्षुओं का चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, तिब्बती मठ जबरन करवा रहा बंद

अभी हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने तिब्बत दौरे पर धार्मिक कार्यों को नियंत्रित करने वाले मौलिक दिशानिर्देशों को लागू करने पर जोर दिया था। लेकिन चीन पर आरोप है कि वह बौद्ध बहुल तिब्बत क्षेत्र में सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता को दबा रहा है। शी जिनपिंग 2013 में जबसे राष्ट्रपति बने है तबसे वह तिब्बत पर सुरक्षा नियंत्रण बढ़ाने की कड़ी नीति अपनाई है। इसके अलावा वह बौद्ध भिक्षुओं और दलाई लामा के अनुयायियों पर भी नकेल कसता रहा है। जिसके कारण तिब्बत में मानवाधिकार की स्थिति बिगड़ती जा रही है। जिसके पीछे की वजह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की दमनकारी और कट्टरपंथी नीतियाँ हैं । और उसकी यह निति लगातार जारी है ।

खबर है कि चीन की शी जिनपिंग सरकार ने चीन के गांसु प्रांत में एक बौद्ध मठ को जबरन बंद कर दिया है। जिसे लेकर होंगचेंग मठ के बौद्ध भिक्षु बीजिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।रेडियो फ्री एशिया ने अमेरिका स्थित एक टिप्पणीकार मा जू का हवाला देते बताया है कि गांसु प्रशासन ने भिक्षुओं को बेदखल करते हुए लिंक्सिया हुई स्वायत्त प्रदेश में एक तिब्बती मठ को जबरन बंद कर दिया है। इसके अलावा प्रशासन ने मठ से संबंधित कई लोगों को हिरासत में भी ले लिया है। इस घटना के एक वीडियो में बौद्ध भिक्षुओं के एक समूह बैनर पकड़े दिखे हैं जिसमें लिखा है, ‘भिक्षुओं को जबरन हिरासत में लेना करना अवैध और अस्वीकार्य है!’

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